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Article 1 of Indian Constitution

Article-1 of Indian Constitution/भारतीय संविधान का अनुच्छेद 1 भारत के संविधान मे केन्द्र सरकार अधिनियम 1949 के अनुच्छेद 1 मे संघ का नाम और भारत के क्षेत्र आते है। अनुच्छेद 1, मसौदा संविधान, 1948 1. इंडिया जो भारत है, राज्यों का संघ होगा। 2. राज्य और उनके क्षेत्र पहली अनुसूची मे निर्दिष्ट के अनुसार होगे। 3. भारत के क्षेत्र मे शामिल होगें      a. राज्यो के क्षेत्र      b. पहली सूची मे निर्दिष्ट केन्द्र शासित प्रदेश और c. ऐसे अन्य क्षेत्र जिन्हे अधिग्रहित किया जा सकता हो। मसौदा अनुच्छेद 1 (भारत का संविधान अनुच्छेद 1, 1950) पर 15 और 17 नवम्बर 1948, और 17 और 18 सितम्बर 1949 को बहस हुई। मसौदा अनुच्छेद ने घौसणा की, कि 'भारत' राज्यो का संघ था और भारत के क्षेत्र को परिभाषित करने को आगे बढ़ा। अधिकांश सदस्य भ्रमित थे की भारत को एक 'संघ' की बजाय 'राज्यो के संघ' के रूप मे वर्णित किया गया था, जो अधिक उपयुक्त था। पहले की तारिख मे, मसौदा अध्यक्ष ने समझाया कि 'राज्यो के संघ' का उपयोग यह सुनिश्चित करने और स्पष्ट करने के लिये किया गया था कि राज्यो को भारत से अलग होने का अधि...

Dewali | दीपावली

दीपावली एक हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसका अर्थ होता है दीपो का त्यौहार। जिसे शरद ऋतु मे प्रत्येक बर्ष मनाया जाता है। यह कार्तिक अमावस्य की रात्रि को बड़े ही धूमधाम से भारत के कोने-कोने मे मनाया जाता है। हिन्दू, सिख, जैन, बौद्ध धर्म मे इसकी अलग अलग मान्यताएं है यह पर्व धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व है जिस दिन घरो की साफ सफाई करके दीपो और लाईटो से सजाया जाता है और घर मे लक्ष्मी की पूजा तथा अनुष्ठान किये जाते है। धार्मिक रूप से यह अन्धकार पर प्रकार की विजय को दर्शाता है। इसका आरम्भ धनतेरस से होता है जिस दिन घर की सजावट और अनुष्ठानों के लिये खरीदारी होती है और गोबरधन पूजा के बाद भैया दूज को इसका समापन हो किया जाता है। बौद्ध धर्म मे इसे दीप दानोत्सव के रूप मे मनाया जाता है, सिख धर्म मे इसे "बन्दी छोड़ दिवस" के रूप मे और जैन धर्म मे महावीर के मौक्ष दिवस के रूप मे मनाते है। माना जाता है इस दिन भगवान राम चौदह वर्ष का बनवास पूरा कर अयोध्या वापिस आये थे जिसकी खुशी मे अयोध्यावासियों ने घरो की साफ सफाई कर राम जी के स्वागत मे प्रत्येक घरो मे दिये जलाये थे। और एक दूसरे को मिठाई खिला...

Constitution of India | भारतीय संविधान

भारतीय संविधान भारत का एक सर्वोच्च विधान है जिसे 26 नवम्बर 1949 को पारित किया गया था और 26 जनवरी 1950 को प्रभाव में आया। इस दिन को भारतीय संविधान के रूप (गणतंत्र दिवस के रूप) में मनाया जाता है। भारत का संविधान विश्व के सभी गणतांत्रिक देश का सबसे लम्बा लिखित संविधान है। जिसको डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखा गए था जो संविधान की ड्राफ्ट कमेटी के अध्यक्ष भी थे।  भारतीय संविधान संविधान की पहली सभा 1946 को बुलाई गई थी। भारतीय संविधान की सभा में 299 सदस्य थे जिसके अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे। भारतीय संविधान को तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह, 18 दिन का समय लगा।  डॉ भीमराव आंबेडकर संविधान को डॉ राजेंद्र प्रसाद को सौपतें हुए।  संक्षिप्त परिचय  भारतीय संविधान के निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागो में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियाँ थी। वर्तमान में केवल 395 अनुच्छेद, और 12 अनुसूचियाँ है संविधान में संसदीय स्वरुप की स्थापना की गई है। भारत के संविधान की धारा 79 के अनुसार, केन्द्रीय सदन की परिषद में राष्ट्रपति तथा दो सदन है। जिन्हे राज्यों की परिषद् राज्यसभा ...

Mulayam Singh Yadav Death - सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव नहीं रहे।

समाजवादी पार्टी के संस्थापक उत्तर प्रदेश के पूर्व मुखयमंत्री श्री मुलायम सिंह जी का गुरुग्राम स्थित मेदान्त हॉस्पिटल में लम्बी बीमारी के दौरान आज दिनाँक १०.10. २०२२ दिन सोमवार को निधन हो गया।  मेरे आदर्णीय पिताजी और आपके नेता नहीं रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा की मेरे आदर्णीय पिताजी और आपके नेता नहीं रहे।  मेरे आदरणीय पिता जी और सबके नेता जी नहीं रहे। pic.twitter.com/jcXyL9trsM — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 10, 2022 भारत जोड़ो यात्रा में की गई शोक सभा।   राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी ने अपने सहयोगियों के साथ शोक सभा की और मुलायम सिंह के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।  भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी शोक सभा करते हुए।  समाजवाद की एक मुख्य विचारधारा आज मोन हो गयी - सोनिया गाँधी  कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा समाजवाद की एक मुख्य विचारधरा आज मोन हो गई, भारतीय राजनीती को एक बहुत बड़ी क्षति है। जिसे पूरा नहीं किया जा ...

UP Ration Card Download | यू पी राशन कार्ड, राशन कार्ड डाउनलोड

यूपी राशन कार्ड सूची | उत्तर प्रदेश की नई राशन कार्ड सूची | यूपी में राशन कार्ड सूचि में ऑनलाइन नाम की जांच करें  उत्तर प्रदेश राशन कार्ड सूचि : राशन कद एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। राशन कार्ड के माध्यम से, आप अनाज और तेल, मिटटी का तेल आदि को सस्ते मूल्य में प्राप्त कर सकते हो। यदि आप सस्ता अनाज चाहते हो तो आपके पास राशन कार्ड होना चाहिए, इसलिए आपको पहले यू पी राशन कार्ड सूची में अपना नाम जांचना होगा। राज्य सरकार को प्रत्येक घर को राशन कार्ड प्रदान किये जाते है। ये राशन कार्ड गरीब हो या अमीर सबके पास होना चाहिए। आप ऑनलाइन साइट पर जाकर यूपी राशन कार्ड की सूची में अपना नाम जांच सकते हो। आप अंत्योदय, बीपीएल आदि की सभी सूची को देखकर अपने नाम को खोज सकते हो और यदि आपका नाम सूची में है तो आप आप सरकारी गल्ले की दूकान से प्रतियेक महीने में अपना राशन सस्ते दामों में प्राप्त कर सकते हो।  Download Ration Card List | उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड सूची डाउनलोड करे  उत्तर प्रदेश राशन कार्ड में अपना नाम चेक करना बहुत ही आसान है। राशन कार्ड सूची में अपना नाम कैसे जांचे, हम आपको गाइड करते है...

Hindu Code Bill - हिन्दू कोड बिल

HINDU CODE BILL हिन्दू कोड बिल १९५० के दशक में पारित देश के प्रथम कानून मंत्री डॉ बी आर आंबेडकर जी द्वारा ऐसा कानून था जिसका उद्देश्य भारत में हिन्दू व्यक्तिगत कानून को सुधारना था, इस कानून के द्वारा भारत में सदियों से पुरुष और महिलाओं में क़ानूनी और व्यतिगत तौर पर समानता लाना था जिससे की महिलाये भी पुरूषो के बराबर अपने हक़ और अधिकारों पर कार्य कर सके। धार्मिक बाबाओं और कुछ राजनितिक लोगो द्वारा इसका खुलकर विरोध भी किया गया जिस कारण आंबेडकर जी को मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था १९४७ में भारत की स्वतंत्र के बाद, प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार ने डॉ बी. आर. आंबेडकर की मदद से इस सहिंताकरण और सुधार को पूरा किया, ब्रिटिश राज द्वारा सुरु की गई यह प्रक्रिया बिना किसी हस्तक्षेप के चाहते थे परन्तु ऐसा नहीं हो सका, क्योकि विभिन्न रूढ़िवादी हिन्दू संघठनो और हिन्दू राजनेताओ का इसमें महत्वपूर्ण विरोध था; हलाकि नेहरू प्रशासन ने हिन्दू समुदाय को एकजुट करने के लिए इस बिल को लागू करने में सहमत थे, जो राष्ट्र को एक जुट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम था । वे 195...

Omicron virus

ओमीक्रॉन वायरस  नए साल 2022 का एक नये धमाके के साथ covid -१९ ने अपने नए रूप ओमीक्रॉन वायरस में दुनिया भर में दस्तक दे दी है सन २०१९, जनवरी माह में चाइना से सुरु हुआ इस वायरस का कहर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया जिससे केवल मानव जाति का विनाश ही नहीं आर्थिक नुकसान और इंसान के जीने के तरीको को भी बदल कर रख दिया है | २०२२ की शुरुआत से ही कोरोना के नए रूप ओमीक्रॉन ने फिर से चेताना सुरु कर दिया है अभी ये तो नहीं कहा जा सकता की ये पहले की तरह कितना खतरनाक सिद्ध होगा या नहीं पर इस पर खोज जारी है परिणाम कुछ भी हो हमें पहले की भाँति सावधानी पूरी रखनी होगी |  दक्षिण अफ्रीका में ओमीक्रोन का तेजी से प्रसार हुआ है जहां  पर इसका सबसे पहले पता चला था, ये डेल्टा जैसे रूपों से ज्यादा सक्षम है जिसने प्रतिरक्षा को भी चकमा देकर अपने पैर ज़माने में कामयाब हुआ है इसलिए ये उन लोगो को भी प्रभावित कर सकता है जो पुराने वायरस से संक्रमित हुए है यहाँ टीके की प्रभवशालिता को भी प्रभवित कर परेशानी का सबब बन सकता है  ओमीक्रॉन ने विशेषज्ञो को डरा दिया है क्योकि स्पाइक प्रोटीन में ३० से अधिक उत्परिवर्...

Gravity

गुरुत्वाकर्षण गुरुत्वाकर्षण एक वस्तु या पदार्थ द्वारा एक दूसरे को आकृति करने की प्रवर्ति को करते है | सर्वप्रथम गुरुत्वाकर्षण को न्युटन द्वारा प्रतिपादित किया |  न्यूटन के सिद्धांत को बाद में अल्वर्ट आंस्टीन ने सापेक्षता सिद्धांत से बदला गया |  इससे पहले वरहा मिहिर ने कहा था की किसी प्रकार की शक्ति वस्तुओं को आपस में आकर्षित करती या चिपकाती है  गुरुत्वाकर्षण का इतिहास 17 वीं शताब्दी की शुरुआत में गैलिलिओ द्वारा इस पर सर्वप्रथम कार्य किया गया | पहले प्रयासों मे पीसा के टॉवर से गेंदों को छोड़ने का प्रयोग किया गया इसके बाद गेंदों के माप के साथ इन्क़लियन को घुमाया गया | जिसमे दिखाया कि गुरुत्वाकर्षण त्वरण सभी वस्तुओं के एक सामान है | गैलीलियो ने हवा के प्रतिरोध को मे बताया कि कम द्रव्यमान वाली वस्तुए वातावरण में मंद गति से गिर सकती है |  गुरुत्वाकर्षण का नियम   न्युटन ने अपनी खोज के आधार पर बताया कि केवल पृथ्वी ही नही विश्व की प्रत्येक वस्तु एवं दूसरे कण एक दूसरे को भी आकर्षित करते है | दो कणो के बीच कार्य करने वाला आकर्षण बल उन ...

CAA (Citizenship Amendment Act)

Citizenship Amendment Act Citizenship (Amendment) Act 2019   The CAA (Citizenship Amendment Act) protests, the Citizenship Amendment Bill and NPR (National Register of Citizens) protests, are a series of on going protests in India, against the Citizenship Amendment Act (CAA), which was enacted into law on 12 December 2019, and against proposals to enact a nation wide National Register of Citizens (NRC). The protests began in Assam, Delhi, Meghalaya, Arunachal Pradesh, Uttar Pradesh, Maharastra and Tripura on 4 December 2019. In a few days, the protests spread across India, though the concerns of the protesters vary. The Amendment benefits Hindu, Sikh, Jain, Buddhist, Christian and Parsi refugees from Afghanistan, Pakistan and Bangladesh who sought refuge in India before 2015; the Amendment leaves out Muslims and others from these countries, as well as refugee Sri Lankan Tamils in India, Rohingyas from Myanmar, and Buddhist refugees from Tibet. The proposed National R...